Sunday, 16 March 2014

चाची ने चूत मरवाई अपने लड़के से

मेरी उम्र 18 साल की है और मैं अपनी माँ के साथ अकेला  रहता हूँ पापा फौज में है जिस वजह से वो साल में 2 या 3 बार ही ghar आते है और जब भी आतें है तो मम्मी की जमकर चुदाई करते है मेरी मम्मी की ऐज भी अभी ज्यादा नहीं थी वो कम ऐज में शादी हो जाने के कारन वो अभी सिर्फ 36 साल की ही थी और उनका फिगर बहुत मेंटेन था उनको देखकर किसी भी जवान और बुड्डे के जोश आ सकता है और उनकी चूची भी अभी ज्यादा बड़ी नाहि थी।

हमारे पड़ोस में एक चाची रहती थी जिनकी ऐज करीब 40 साल की रही होगी जब पापा नहीं रहते तो वो अक्सर घर आ जाया करती थी।

एक दिन जब मैं नह रहा था तब चाची आ गयी और मम्मी से बातें करने लगी और तब वो बोली की करीना एक बात बताओ जब तुम्हारे पति चले जाते है और महीनों के बाद आते है तब तुम क्या करती हो।

तब मम्मी बोली की करना क्या है बस बर्दास्त करती हूँ आग लगी रहती है और उनकि याद बहुत आती है तो मोमबत्ती से काम चला लेती हूँ और फिर मां ने चाची से पुछा जब तुम्हारे पति बहार जाते है तब आप क्या करती हो ? और मैं नह चूका था पर फिर भी दोनों की बातें सुनने को वहीँ रुक रहा और फिर मैंने चाची की आवाज़ सुनी की भाई मैं तो अपना मसला हलकर लेती हूँ तेरी तरह मोमबत्ती से काम नहीं चलाती हूँ तब मम्मी ने पुछा की भला कैसे ?तब चाची बोली की मैं अपने बेटे वीरू से अपनी प्यास शांत करती हूँ।

मम्मी ने पुछा की मतलब क्या तू अपने बेटे से चुदवाती है ?तब चाची बोली हाँ मेरी रानी बहुत मज़ा आता है वीरू से चुदवाने में बहुत मोटा और लम्बा है उसका लंड पूरी तरह से जवान कर देता है मुझे तो वो तब मम्मी ने कहा हटिये मुझे शर्म आती है तब चाची ने मम्मी की चूची को पकड़ लिया और मसलने लगी तब मम्मी आआअह आआअह करने लगी कहने लगी की रहने दो चाची काहे आग लगा रही हो आप तो अपने लड़के से चुदवा लोगी मेरा क्या होगा ?तब चाची ने कहा की आज रात को मैं तुमको अपनी चुदाई का सीन दिखाउंगी देखना कैसे चोदता है मेरा लड़का ओके तो आज रात ठीक 11pm पे और तभी मैं नहा कर सिर्फ टॉवल में बहार आ गया और चाची मुझे बहुत गौर से देखने लगी और मैं अपने रूम में आ गया तब चाची बोलि की तेरा राजू भी तो पूरा जवान है। 

साली इतना अच्छा माल घर में है और मोमबत्ती से काम चलाती है तब मम्मी उन्हें धत्त कर दी और वो हस्ते हुए चली गयी और जाते जाते 11pm की याद दिल गयी और रात का इंतज़ार तो मुझे भी था और रात को खान खाने के बाद मैं अपने रूम में चला गया और वहीँ से चुप कर पड़ोस का नज़ारा देखने लगा चाची के घर के सामने वाली खिड़की हमारे घर के सामने ही खुलती थी जिसे मम्मी की सुविधा के लिए चाची ने खोल दिया था। 

और आज लाइट भी ऑफ नहीं की थी तब ही मैंने देखा की चाची सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में ही रूम में आई और मम्मी की तरफ आँख मार कर ऊँगली से राउण्ड बना कर उसमे ऊँगली करने लगी और तब ही उनका लड़का वीरू सिर्फ कच्छे में आया और चाची की चूचियां हाथ में लेकर मसलने लगा और फिर मुह में भरकर चूसने लगा चाची बोली साले मादरचोद पी जा सार दूध जैसे की बचपन में पीता है आज जमकर चूत मार मेरी। 

चाची के मुह से गाली सुनकर मेरे साथ साथ माँ की तबियत भी हिरन हो गयी हमने सोचा भी नहीं था की चाची इतनी अय्यास होगी और तभी वीरू ने उनके सारे कपडे उतार कर उनको एक चेयर पर बैठा दिया और उनकी टांगे फैला दी। 

जिसे की उनकी चूत साफ नज़र आ रही थी और बोला की यहाँ जंगल क्यों उगा रखा है झांटे क्यों नहीं बनाति तुझे मालूम है की मुझे झांटे पसंद नहीं फिर भी चाची बोली की कल बना लूँगि आज तो तू मेर्री प्यास बुझा और तब वीरू ने उनकी टाँगे उठा कर एक दमदा धक्का मार और चाची बहुत जोर से चिल्ला पड़ी ऊऊउइ इ ईईईईइस्स्स्स साले हरामी आज मारने का इरादा है क्या कुत्ते निकाल ले अपना लौडा मुझे बहुत दर्द हो रहा है। 

आज और तब वीरू ने उसकी चूचियां मुह में भरकर चूसने लगा तब चची को कुछ राहत हुई और थोड़ी देर बाद दोनों झड गए और सुस्त होकर वहीँ पर नंगे ही सो गए और ये सीन देख कर मेरा और मम्मी का दिमाग भी खराब हो चूका था 

0 comments:

Post a Comment