Wednesday, 4 May 2016

दोस्त की बीवी की चुदास

हैलो साथियो.. मेरा नाम सनी है.. मैं इंदौर में रहता हूँ। मेरी उम्र 26 साल है और कद 5 फुट 7 इंच है.. मेरा लिंग 7 इन्च लम्बा है।

मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ.. सबसे पहले मैं आपको बता दूँ कि मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ.. और अन्य लोगों की तरह मुझे भी मेरी कहानी बताने का मन हुआ।

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ.. मैं और मेरे एक दोस्त की बीवी राधिका (बदला हुआ नाम.. जिसे मैं भाभी बोलता था) हम दोनों के बीच शारीरिक सम्बन्ध बन गए थे।

हुआ यूँ कि मेरा मेरे दोस्त के घर रोज आना-जाना था.. हम दोनों पारिवारिक मित्र थे और मेरा उनके घर बहुत पहले से ही आना-जाना था। उस समय मैं कुंवारा था और दिखने में हष्ट-पुष्ट हूँ।

मेरे दोस्त की शादी हुए दो साल ही हुए थे। मैं मजाकिया व्यक्ति होने की वजह से भाभी से बहुत मजाक-मस्ती किया करता था और जब कभी भैया घर पर नहीं होते थे.. तब भी मैं उनके घर चला जाया करता था.. पर मेरे दिल में भाभी को लेकर कभी कोई गलत विचार नहीं आए।
मगर पता नहीं भाभी मुझसे कब से अपने आपको चुदवाने की तैयारी कर रही थीं.. मुझे मालूम ही न चला।

मेरे मोबाइल में हमेशा गंदे मैसेज.. गन्दी फ़ोटो और ब्लू फ़िल्म रहते थे..

एक बार मेरे दोस्त के पापा की बहुत ज्यादा तबियत खराब होने की वजह से उन्हें इंदौर से बाहर मुम्बई ले जाना पड़ा। मेरा दोस्त उसकी माँ और पापा को अपने दूसरे मित्र के साथ इलाज करवाने मुम्बई ले गया और उन्हें कुछ दिन वहाँ पर रुकना पड़ा। इस बीच वह मुझे उसके घर पर अपनी अकेली पत्नी के पास रात रुकने का बोल कर छोड़ कर चला गया।

मैं रात को उनके घर रुकने के लिए चला गया और मैंने भाभी से मेरा बिस्तर हाल में लगाने का कहा।
भाभी ने कहा- भैया मैं आपके लिए ही बैठी थी.. मैंने अभी तक खाना नहीं खाया है.. प्लीज आप मेरे साथ खाना खा लो.. फिर मैं बिस्तर लगा देती हूँ।

फिर हम दोनों ने खाना खाया और मैं अपने बिस्तर पर हाल में सोने चला गया और भाभी अपने कमरे में..

करीब आधे घंटे बाद अचानक से बिजली चली गई और बहुत जोरों कि बारिश होने लगी.. भाभी को बहुत डर लगने लगा और वो मुझे उठाने हाल में आईं.. तो देखा कि मैं अपने मोबाइल में ब्लू-फ़िल्म देख रहा हूँ.. तो बिना कुछ बोले मेरे पीछे खड़ी होकर मेरे मोबाइल की ब्लू-फ़िल्म देखती रहीं और अपने ब्लाउज में हाथ डालकर अपने स्तनों को जोर-जोर से दबाने लगीं।

मैं हाल में बिना किसी चिंता के केवल अंडरवियर और बनियान में लेटा हुआ था और मेरा भी 7 इंच का लिंग फनफनाता हुआ खड़ा था.. मगर मुझे नहीं पता था कि भाभी पीछे से ब्लू-फ़िल्म देख कर मस्त हो रही हैं।

इतने मैं अचानक लाइट आ गई और मैंने पलट कर देखा भाभी आँखें बंद कर अपने स्तन जोर-जोर से दबा रही थीं। रोशनी के आने से अचानक उनकी आँख खुली तो वह अपने कपड़े सीधे करने लगीं और घबरा गईं।

मुझसे मेरे तने हुए लिंग को देख कर बोलीं- यह क्या कर रहे हो?

मैं भी घबरा गया और अपने लिंग को दबा कर बिठाने लगा.. तो वो मुझसे बोलीं- क्यों डर लग रहा है क्या?
मैं बोला- भाभी प्लीज किसी को मत बताना.. वरना मैं मर जाऊँगा।
तो वो मुझसे बोलीं- मरें तेरे दुश्मन.. मैं तो तेरे इस डंडे का मजा लूटूँगी..

वो मुझे हाथ पकड़ कर जबरन उठाते हुए अपने कमरे में ले गईं और मेरे अंडरवियर में हाथ डाल कर मेरा लिंग पकड़ कर बोलीं- मेरे राजा प्लीज़.. आज मौका अच्छा है और घर पर भी कोई नहीं है.. मैं तो कब से तेरे 7 इंच लम्बे लौड़े से चुदना चाहती थी.. मगर क्या करूँ.. बोल नहीं पा रही थी। तुम्हारे दोस्त का तो लिंग खड़ा ही नहीं होता है और होता भी है.. तो केवल 2 मिनट के लिए होता है.. जिससे मुझे मजा नहीं आता है। आज मैं तुमसे चुदवा कर अपनी इच्छा पूरी करूँगी..

भाभी ने मेरे लौड़े को बाहर निकाल कर चूसना शुरू किया और पूरा लण्ड मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगीं। मैंने भी उनके ब्लाउज को खोलकर अलग किया और उनके 36 इंच के मम्मों को ब्रा से मुक्त करके चूसना चालू कर दिया।

फिर मैंने उन्हें ब्लू-फ़िल्म दिखाते हुए.. उनकी साड़ी और पेटीकोट अलग किया और उनको पैंटी में करके उनकी पैंटी में हाथ डालकर उनकी चूत को सहलाया। उनकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे.. मैंने अपनी उंगली अन्दर-बाहर की.. तो वो सिसियाने लगीं- आह.. आअह.. आह आह.. आह.. प्लीज.. मेरी चूत चूसो..

मैंने पैंटी उतार कर अलग फ़ेंक दी और उन हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए। बहुत देर तक एक-दूसरे के लिंग और योनि को चूसते रहे। हम दोनों के मुँह से “आह.. आह.. ऊह.. ऊह्ह..” की आवाज आने लगी। फिर मैंने भाभी को सीधा बिस्तर पर लेटाया और उनकी टाँगें चौड़ी करके अपना सुपारा उनकी चूत के छेद पर लगा कर एक जोर का धक्का दिया.. और भाभी की चूत में पूरा लिंग अन्दर पेल दिया।

लौड़े के घुसते ही भाभी की चीख निकल गई- ऊई माँ.. मरर.. गई.. आह.. आह आह.. धीरे करते न.. आह्ह.. और अन्दर तक डालो.. आह.. ऊह्ह.. ऊह्ह.. और जोर से.. और जोर से.. ऊह.. ऊह.. मजा आ गया.. आह्ह..

काफ़ी देर तक धकापेल चुदाई के बाद हम दोनों का माल निकल गया। भाभी मुस्कुरा कर मुझसे लिपट कर मेरी बाँहों में सिमट गईं और बोलीं- आज मुझे असली मर्द का मजा मिला है..
उसके बाद हम दोनों जब-जब मौका मिलता.. ब्लू-फ़िल्म देख कर उसी की स्टाइल में चुदाई करते थे।

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी.. मुझे ईमेल करें!
snnys85@rediffmail.com

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